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पानी के बताशे
सोमवार, मई 18, 2009
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देहरी भई बिदेस
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चायनीज़ भोजन - चुन्नू, मुन्नू और मैं
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हम दो, हमारे सौ
पुर्ची से चावल तक (प्रथम भाग)
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चाँदी जैसा रंग है तेरा
अनुगूँज 22: हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा...
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हरी हरी वसुंधरा (प्रथम भाग)
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इस मोड़ से जाते हैं
आये तुम याद मुझे - किशोर कुमार
गीत गाता हूँ मैं - किशोर कुमार
भंवरा बड़ा नादान - आशा भोसले
दो लफ़्ज़ों की है - राहुल देव बर्मन
जिया लागे ना - सलिल चौधरी
मुसाफ़िर हूँ यारों - गुलज़ार
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