शुक्रवार, जनवरी 19, 2007

इंगलिस इस्कूल - भाग 2

प्रिलिमिनरी इंटरव्यू

मिसेज डिक्रूज़ ने कोचिंग में दाखिला लेने से पहले मुन्ने का बाकायदा इंटरव्यू लिया;

“Gud mornin’ young man. How are you?”

“आई ऐम फाइन, थैंक यू” मुन्ने ने बिना उनकी ओर देखे शर्माते हुये और मेज को उंगली से कुरेदते हुये जवाब दिया। हम मियां-बीबी की तो बांझें खिल गयीं। अपना मुन्ना अंग्रेजी में बोला।

“Wotz your naime?”

“Munna”

“Wotz your father’s name?”

“Papa”

“Nou, nou…not ‘phapha’ wotz his naime?”

हमें बड़ी लज्जा आई, बीबीजी ने तुरंत सिचुएशन को संभाला (इंटरव्यू गड़बड़ा जाता तो दाखिला भी ना मिलता) “बेटे आ-ओन्ठी ज़ी खो फाफाज़ी खा नाम भथाइये, फ्लीज़” और फिर मिसेज डिक्रूज़ की ओर मुखातिब होकर बोलीं, “वैसे थो ये इंगलिश भोल लेहता है, अबी शैद थोडा नेरवोस हो रा है, घर पे बी हम इंगलिश ही बोलते हैं, you know how kidz are” यह कह कर उन्होंने कनखियों से मुन्ने को घूरा।

बीबीजी का कांवेन्टिया उच्चारण सुन कर हम तो स्तब्ध रह गये। सच में बेचारी मुन्ने के भविष्य के लिये बड़ी मेहनत कर रही थी। बेचारी ने बहुत सेक्रीफाइस भी किया, “स्टार प्लस” छोड़ कर “स्टार वर्ल्ड” देखना शुरू कर दिया था। भारतीय महिला के लिये “स्टार प्लस” की आहुति दे देना कोई मज़ाक नहीं है। इतनी खूबसूरती के साथ उसने सिचुएशन संभाली कि मेरा हृदय प्रेम और श्रद्धा से द्रवित हो उठा। ईश्वर ऐसी जीवन संगिनी विरलों को ही देता है। धन्य हूं मैं जो मुझे ऐसी पत्नी मिली।

बीबीजी की कनखियों से डर कर मुन्ने ने झट से सही जवाब दिया, “ My phadar’s name ij Guddu.”

“ख्या ये ठीक बथा रा है?” मिसेज डिक्रूज़ ने हमसे पूछा। इसके पहले कि हम कुछ कह पाते, मुन्ना बोला, “ हां, और नहीं तो क्या झूठ बोल रहा हूं? दादी से पूछ लीजिये! वो भी पापा को गुड्डू कहती हैं।“

बीबीजी एक बार फिर देवी का रूप लेकर अवतरित हुयी,” बेठा, फाफा ज़ी का घर का नाम नईं, स्खूल वाला नाम बथाओ॰॰॰ और इंगलिश में!!”

“अच्छा! My phader’s school name in inglis is Anurag.”

“Very Good!” मिसेज डिक्रूज़ ने मुन्ने की तारीफ़ करते हुये पूछा, “ Do you know A B C D?”

मुन्ने ने प्रश्नवाचक दृश्टि से बीबीजी को देखा। बीबीजी ने रेस्क्यू मिशन चालू रखते हुये कहा, “ बेठा ‘ए’ फ़ो ‘ऐपल’, ‘बी’ फ़ा ‘बैयबी’ सुनाइये॰॰॰”

“अच्छा, ‘ए’ फार ‘अप्पल’, ‘बी’ फार ‘बाआल’, ‘सी’ फार ‘काएट’॰॰॰”

“Nau, nau, no not like this Munna, thell me the alphabets only….” मिसेज डिक्रूज़ ने कहा।

“पोयम वाला ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ सुनाओ॰॰॰” बीबीजी बोलीं।

“ए बी सी डी
ई एफ़ जी
एच आई जे के
एल एम एन ओ पी

एल एम एन ओ पी
क्यू आर एस टी
यू वी डबलू
एक्स वाई ज़ी

नाओ आई नो माई
ए बी सीज़
नेक्सट टाइम
यू टू सिंग विध मी।“

मिसेज डिक्रूज़ बहुतै इंप्रेस हुयीं, तुरंत टेबल का दराज खोला और ‘पारले किस मी’ वाला एक कम्पट मुन्ने को इनाम में देती हुयी बोलीं, “ Gud boy! Now you can go outside and play, Mamma and Phapha’d join you shortly.”

मुन्ने के बाहर जाते ही मिसेज डिक्रूज़ ने कहा, “आपका बच्चा बहुत स्मार्ट और इंटेलिजेन्ट है।“

हम मारे खुशी के ऐसा मुस्कुराये कि मानो किसी ने उस्तरे से हमारे होठों को कान तक चीर दिया हो।

बीबीजी: “जी आप सही कह रही हैं, स्मार्ट तो बहुत है। सात महीने में ही चलना भी शुरू कर दिया था।“

मिसेज डिक्रूज़: “आई सी, लेकिन उसकी इंगलिश पर काफ़ी मेहनत करनी होगी।“

बीबीजी: “वैसे थो मैं घर पर मुन्ने से इंगलिश स्पीकिंग करती हूं, बट सिन्स हम ज्वाइंट फ़ैमिली में रैते हैं, इस वजे से कुछ प्राब्लम्स फ़ेस करनी पड़ती हैं। मेरे इन-लाँज़ आर नाट इंगलिश एडुकेटेड, वो मुन्ने से आलवेज़ हिन्दी में स्पीक करते हैं। वैसे मैंने उनको भी कन्विन्स करके इंगलिश स्पीकिंग कोर्स ज्वाइन करवा दिया है। यू सी आय ऐम ट्राइंग माई बेस्ट“

मिसेज डिक्रूज़: “आई सी! छलिये खोई बात नहीं, पर मेरे हिसाब से तीन महीने की खोचिंग से मुन्ना अप तू द मार्क नहीं आ फायेगा। आई थिंक इसे सिक्स मन्थ खोचिंग करवाइये – दैट इज़ इफ़ यू वान्ट सिरियसली गुड रिज़ल्टस।“

मैं: “जी फीस कितनी पड़ेगी॰॰॰?”

मिसेज डिक्रूज़: “सिक्स मन्थ खोचिंग – थर्टी थाउज़ेन्ड!”

बीबीजी: “जी कोई बात नहीं, हम मैनेज कर लेंगे। बच्चे के फ़्यूचर का क्वेश्चन है।“

इस प्रकार मुन्ने का कोचिंग में दाखिला तो नक्की हो गया, मानो किला फ़तह हो गया हो। पल भर में मैंने अपना भविष्य देख डाला कि आज से 20-25 साल बाद मैं कैसे शान से लोगों से कहूंगा – मेरा बेटा मुन्ना – बी टेक फ़्राम आई आई टी कानपुर इन कमप्यूटर साइंस और एम बी ए फ़्राम आई आई एम अहमदाबाद, आज कल सिटी बैंक का ग्लोबल हेड है – अमरीका में सेटल्ड है। सोच कर ही ऐसी गुदगुदी कि मैं मुस्कुराने लगा।

अभी सपना पूरा भी नहीं हुआ था कि मिसेज डिक्रूज़ ने कहा, “ मिसेज श्रीवास्तव आपतो काफ़ी वेल ड्रेस्ड हैं, लेकिन श्रीवास्तवजी आपको अपना पहनावा ठीक खरना पड़ेगा। ये बाटा की ब्राउन चप्पल्स की जगै एक जोडी जूता खरीदिये, एक टाई भी लीजिये और हां यह पान मसाला खाना भी बंद खरिये – यह बड़ा खराब इंप्रेशन डालता है।“

अपनी तारीफ़ सुन कर बीबीजी मंद मंद मुस्काईं और फिर मुझे ऐसे देखा जैसे कि कह रही हों कि ‘देखा मैं तो पहले से ही कहती थी कि तुम पूरे जोकर लगते हो। तुमसे शादी करके मेरा तो वही हाल हुआ कि जैसे लंगूर के मुंह में अंगूर“ हमने हिम्मत करके कहा,” मैडमजी टाई बांधनी तो हमको आती ही नहीं है, एकै बार टाई लगाई थी, शादी के समय, वह भी टोनी भाई साहब ने नाट बांध कर दे दी थी, हमने तो केवल गले में कस ली थी। टोनी भाई साहब मर्चेन्ट नेवी में हैं उनको टाई-वाई बांधनी आती है। और गुटखा छोड़ना तो मेरे लिये बहुत मुश्किल होगा जी॰॰॰”

मिसेज डिक्रूज़: “देखिये बच्चे के फ़्यूचर के लिये इतना तो खरना ही होगा, और हां किसी डेन्टिस्ट के पास जा कर अपने दांत भी साफ़ करवा लीजिये। सौ-सवा सौ रुपये का एक डिओडरेन्ट भी खरीद लीजिये ताकी आपके घुसने से कमरे में घुटन का माहौल ना पैदा हो जाये।“

मैं: “जी वैसे तो मैं तन्दरुस्ती की रक्षा करने वाले साबुन से नहाता हू॰॰॰”

बीबीजी मेरी बात बीच में ही काटती हुयी बोलीं,” आप डोन्ट वरी मैं सब संभाल लूंगी।“

मुन्ने का मिसेज डिक्रूज़ की कोचिंग में सेलेक्शन हो जाने की खुशी में शाम को हमने घर पर एक जोरदार पार्टी रखी, यार दोस्त आये। इस पार्टी में हमने चाय, समोसे, खस्ते और गुलाबजामुन के स्थान पर पास्ता, पीत्ज़ा, सैण्डविच, काफी, कोका-कोला और पेस्ट्री रखी। इस प्रकार मुन्ने की कोचिंग का शुभारम्भ हुआ।

( क्रमश: )

10 टिप्‍पणियां:

आशीष ने कहा…

मुन्ना तो खैर पास हो गया , लेकिन मुन्ने के पापा फेल होते होते बचे :)

Pratyaksha ने कहा…

वाह ! मज़ेदार । अगले भाग का इंतज़ार है

अफ़लातून ने कहा…

झाडे रहो कलट्टरगंज !

rachana ने कहा…

वाह भाई!! "मिसेज श्रीवास्तवा" तो बडी ही मजे की अन्ग्रेजी बोलती हैं! मजा आ गया!

Sagar Chand Nahar ने कहा…

मजा आ गया, अब जल्दी से अगले भाग को पोस्ट करिये

Udan Tashtari ने कहा…

सही है. पार्टी में बड़ों के लिये स्कॉच वगैरह नहीं रखी क्या? बहुते स्टेटस सिंबल मानी जाती है. अगली कड़ी का इन्तजार है…अब तो कड़ियों पर कड़ियां चलाओ, जब तक मुन्ना अमेरिका जाकर सेटेल नहीं हो जाता. समझे गुड्डु बाबू, या तो अलग से ब्लाग ही बना डालो :)

Tarun ने कहा…

एक बात तो पक्की है कि तुम्हारा लिडिंग रोल तो गया हाथ से करेक्टर रोल से संतुष्ट हो लो बस इतनी मेहनत जारी रखना कि मुन्ने के एडमिशन के बाद एक्सट्रा के रोल में ना आ जाओ। अच्छे जा रहे हो, इंतजार रहेगा अगले भाग का

Tarun ने कहा…

आपकी कहानी चुरायी जा चुकी है, चुराने लायक कहानी लिखने का शुक्रिया।

manisha ने कहा…

MRS.SRIVASTAVA KI INGREGIto MAHA MAJEDAR HAI.....phatapat aagla bhag bhi likha dalo utasakta bari ja rahi hai

RCMishra ने कहा…

कम्पट!