बुधवार, फ़रवरी 28, 2007

नाम गुम जायेगा

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आज सुबह ही अग्रज अतुल की पोस्ट "नामों का चक्कर" पढ़ी. संयोग की बात है कि मैं ने भी आज नामों के चक्कर पर ही एक पोस्ट लिखी है.
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नाम का उच्चारण यदि गलत किया जाये तो लगता है कि शायद नाम कहीं गुम हो गया है. पर अलग अलग देशों में घूमने से शायद इसकी आदत पड़ जाती है. और कभी कभी तो कई लोग खुद ही अपने नाम का गलत उच्चारण 'सजेस्ट' कर देते हैं जिस से अगले को परेशानी ना हो, और उनकी बात आसानी से समझी जाये, इसके चलते कई बार वहां का उच्चारण अपनाने का प्रयास भी किया जाता हैं.
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हलाँकि व्यक्तिगत रूप से मैं इस विचारधारा का हूं कि हमें अपने ही लहज़े से भाषा बोलनी चाहिये, वैसे भी अंग्रेज़ी बोलने का भारतीय लहज़ा मुझे काफी स्पष्ट लगता है, जो भारतीय 'पुट ऑन ऐक्सेंट' के साथ बोलते हैं, उनकी अंग्रेजी समझने में ना ही केवल भारतीयों को बल्कि अंग्रेजी भाषियों को भी थोड़ी दिक्कत ज़रूर होती है.
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सन 1990 में मैं ने ' जग विवेक ' नाम का एक जहाज गुजरात के काण्डला पोर्ट में ज्वाइन किया. जहाज का कार्यक्रम कुछ ऐसा था - काण्डला में माल उतराई (Discharging) के बाद हमें मंगलूर जाना था लौह खनिज की भराई (Iron Ore Loading) के लिये. यह लौह खनिज जापान के फ़ूकूयामा बंदरगाह पर उतार कर हमें कनाडा के वैंक्यूवर बंदरगाह से कोचीन के लिये सल्फर लोड करना था.
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काण्डला पोर्ट को जब हम अपने जहाज के VHF radio (Very High Freequency wireless radio) को बुलाते थे तो अंदाज़ कुछ यूं हुआ करता था," कानड्ला पोर्ट कंट्रोल - कानड्ला पोर्ट कंट्रोल - दिस्स इज़ जग विवेक" (Kandla Port Control this is Jag Vivek).
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मंगलूर पोर्ट में भी अंदाज़ ऐसा ही रहा. मंगलूर से फ़ूकूयामा की ओर चले तो रास्ते में "मलाका स्ट्रेट्स" भी पार करनी थी. मालाका स्ट्रेट विश्व की सबसे व्यस्त ट्रैफिक लेन मानी जाती है. यहां से गुज़रते समय जहाजों को अपनी भौगोलिक स्थिति, दिशा और गति लगातार VTIS (Vessel Traffic Information System) को VHF radio के माध्यम से देते रहना पड़ता है, VTIS लगातार तमाम जहाजों पर नजर बनाये रखता है और आने वाले खतरों से आपको पहले से ही आगाह करता रहता है. VTIS से बात चीत करते समय हमारे जहाज के नौवहन अधिकारियों के बोलने का अंदाज़ थोड़ा सिंगापोरियन हो जाता था कुछ यूं," वी ती आए ए ईस्त - वी ती आए ए ईस्त दिस्स इस्स जा विवेह ओन चानल सिक्सतीन - दू यू रीद - ओवा" (VTIS East - VTIS East this is Jag Vivek on channel sixteen - do you read - over) .
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जापान में भी अंदाज़ कुछ ऐसा ही रहता था, हाँ "Roger", "OK", "Your last received/copied" के स्थान पर जापानी स्टाइल "हई, हई" शुरू हो जाता था.
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लेकिन सबसे बड़ा परिवर्तन आया वैंक्यूवर पंहुंच कर. वैंक्यूवर जाने के लिये एक चैनल से गुज़रना पड़ता है जिसका नाम है "जॉन डी फुका स्ट्रेट्स", इसका प्रवेश संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा में आता है लिहाजा प्रवेश करते समय जहाजों को "सीऐटल" को रिपोर्ट करना पड़ता है. अमरीका का असर हमारे जहाज के अधिकारियों के ऊपर भी दिखना ही था, तो सीऐटल ट्रैफिक को यूं बुलाया गया," सी-अ-ठल ठ्राफ़ि - सी-अ-ठल ठ्राफ़ि दिज़्ज़ इज़्ज़ जेग वीवेख ऑ सिख्सठीन - ढू यू खापी" Seatlle Traffic Seattle - Traffic this is Jag Vivek on sixteen do you copy?)
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इस पर सीऐटल ट्राफिक का जवाब कुछ यूं आया," रीढ़ यू लाउठ अन ख्लिय-अ ऑन सिक्सठीन - वेलखम ठू सीऐठल जैग वाईवेख" (Read you loud and clear on 16, welcome to Seattle, Jag Vivek).
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मुझे बड़ी हंसी आयी बैठे बिठाये हमारा देशी नाम "जग विवेक" विदेशी बन गया "जैग वाईवेक".
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खैर, यह तो गनीमत थी. थोड़ी देर के बाद हमने अपने VHF पर यह सुना," कलईडस - कलईडस डिस इज़ सीऐठल ठ्राफिक, खम इन फ्लीज़". थोड़ी देर बार बुलाये जाने वाले जहाज ने जवाब दिया," यस, सीऐटल ट्राफिक कालीदास रिप्लाइंग".
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लो जी "कालीदास" बन गये "कलईडस". बाद में पता चला कि "तुलसीदास" नाम का जहाज " टलसईडस" कह कर बुलाया जाता था.
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भारत की सबसे बड़ी शिपिंग कम्पनी "भारतीय नौवहन निगम" ने कुछ तेल पोत खरीदे थे जिनका नाम उन्होंने उन शहीदों के नाम पर किया था जिनको परम वीर चक्र मिला था.
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जहाजों के नाम काफी लम्बे हैं जैसे "मोटर टैंकर फ्लांग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखॉ परम वीर चक्र". सुना है कि एक बार यह जहाज बहरीन रेडियो को VHF पर बुला रहा था. इतना लम्बा नाम सुन कर बहरीन रेडियो भी कनफ्यूज हो गया और थोड़ी देर बाद बोला,"Only one ship at a time, please." इतना लम्बा नाम सुन कर उसे लगा कि एक नहीं कई जहाज एक साथ बुला रहे हैं!
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नामों की बात से मुझे अपनी बहामा यात्रा याद आयी. बहामा के फ्री पोर्ट में करीब एक महीने रहने का मौका मिला. वहाँ मैं बहामा ऑयल रिफाइनरी में ब्लैक ऑयल ब्लेंडिंग का काम देखता था. वहीं पर भारतीय मूल के दो ट्रिनीडाड निवासियों से दोस्ती भी हो गयी. एक थे रोमा बैनियर और दूसरे रैंड कमरोडी.
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एक बार शाम को खाना खाते हुये रोमा बैनियर ने बताया कि उनके पुरखे फ़ैज़ाबाद नाम की 'किसी' जगह से ट्रिनीडाड आये थे. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके नाम का 'अर्थ' है 'राम बनिया'. ऐसे में रैंड कमरोडी कैसे चुप बैठते, बोल उठे कि मेरे पुरखे कलकत्ता से आये थे और कमरोडी दरअसल कमरुद्दीन का अल्प रूप है.
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कई साल पहले मेरा एक जहाज़ इंडोनेशिया जा रहा था. वहाँ के एजेंट से फोन पर काम के सिलसिले में अक्सर बातें होती रहती थीं. जिस कन्या से मेरी बात होती थी उसका नाम था रति. एक बार बातों-बातों में मैं ने रति से पूछा कि क्या आपको मालुम है कि रति कौन थी?
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"नहीं", रति ने सवाल छूटते ही जवाब दिया. मैंने रति को बताया कि भारतीय मिथक के अनुसार प्रेम के देवता कामदेव स्वर्ग के सबसे सुंदर देवता माने जाते हैं और रति कामदेव की पत्नि का नाम है - सबसे सुंदर महिला.
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"वाह कैप्टन वाह! खैर, अगर आप कभी मुझसे मिलेंगे तो आप भारतीय मिथक में विश्वास करना और रति को सबसे सुंदर स्त्री मानना बंद कर देंगे, क्योंकि मैं बिलकुल भी सुंदर नहीं हूं.", हम दोनो खूब हंसे. खैर रति से कभी मिलना नहीं हुआ.
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इंडोनेशिया में ही एक 'युधिष्ठिर' साहब से मुलाकात हुयी, अज्ञानतावश मैंने कह दिया कि 'युधिष्ठिर' एक 'हिन्दू' नाम है. युधिष्ठिर जी को यह बात पसंद नहीं आया उन्होंने मेरी गलती सुधारते हुये बताया," कैप्टन, यह कोई 'हिन्दू' या 'मुसलमान' नाम नहीं है, यह एक इंडोनेशियाई नाम है और मैं धर्म से मुसलमान हूं." मुझे अपने कथन पर बहुत ही ज्यादा शर्मिंदगी हुयी.
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अनुराग नाम थाईलैण्ड में बहुत कॉमन है, मेरी यात्राओं के दौरान जब मैं अपना कार्ड किसी को देता था तो वह एक बार यह जरूर कहता था - आपका नाम एक थाई नाम है. वैसे थाईलैण्ड के हवाई अड्डे का नाम है 'सुवर्णभूमि", और वहाँ मेरे ड्राइवर का नाम था 'नवरत्ना' जिसका अर्थ उसने बताया 'नाईन जेम्स'. .
शायद यही सब किस्से सुन कर शेक्सपियर बोले बैठे हों कि 'नाम में क्या है' या गुलज़ार साहब ने कहा कि ' नाम गुम जायेगा'.

7 टिप्‍पणियां:

Shrish ने कहा…

अच्छे संस्मरण सुनाए आपने। खूब आनंद आया। मेरा मानना है कि संज्ञाओं क उच्चारण नहीं बिगाड़ा जाना चाहिए 'कालीदास' को कालीदास ही कहा जाना चाहिए 'कलईडास' नहीं।

इंडोनेशिया तथा थाईलैंड आदि में हिन्दू संस्कृति के चिन्ह अब भी मौजूद हैं। वहाँ के अन्य धर्मों के लोग भी इस मामले में कट्टर नहीं।

मेरा एक मित्र नौसेना में है मैं उसे मजाक में 'जलीय जंतु' कहता हूँ। उससे भी समुद्र के किस्से सुनने को मिलते हैं। आगे भी ऐसे ही मजेदार संस्मरण सुनाते रहिएगा।

Aflatoon ने कहा…

अच्छा लगा कि आपने कई किस्से पोस्ट कर दिये।

नितिन बागला ने कहा…

काफी अच्छे लगे आपके किस्से ...
आप तो सारा संसार घूमे हुए हैं :)

अतुल शर्मा ने कहा…

वाह! आपके पास तो यादों का खज़ाना है। मेरे मित्र विजय को अमरीका में वाइजे कहा जाता है।

अनूप शुक्ला ने कहा…

बहुत अच्छा लगा संस्मरण पढ़ना!

उन्मुक्त ने कहा…

अच्छा लगा

अतुल श्रीवास्तव ने कहा…

थाईलैंड के राजा का नाम है: Bhumibol Adulyadej जिसे हिन्दी में कुछ यूँ पढ़ा जायेगा - भूमिबल अतुल्यतेज.