गुरुवार, अप्रैल 02, 2020

उठो शंकर!

देवी विपदा से पार करो
क्रंदन वंदन स्वीकार करो
फिर छलका है विष मंथन से
माँ, करो अर्चना अभदन से

इस असुर रोग पर वार करें
भेदें मस्तक, संहार करें
कर धर त्रिशूल इस दानव का
जो नाश करे है मानव का 
उसको अस्तित्व विहीन करें
उसकी शक्ति को क्षीण करें

खोल समाधि उठो शंकर
हम अरज करें गिर कर पग पर
ये गहरा काला सिंधु गरल
लूटे जाता जीवन प्रतिपल
इस सिंधु को बांध जटाओं से
हमको रक्षो विपदाओं से.

मंगलवार, मार्च 17, 2020

गो करोनवा गो

हाय कोरोनवा ले उड़ा रात और दिन का चैन

मूवी, स्वीमिंग पूल बन्द ट्रेवल पे लागा बैन

ट्रेवल पे लागा बैन, घर रहो देखो टी वी

ऑफिस वाली याद आये जब दिन भर दिखती बीबी

दिन भर दिखती बीबी हम तो त्रस्त हो गए

घर में झाड़ू पोंछा कर कर ध्वस्त हो गए 

ध्वस्त हो गए घर में बैठे छील रहे तरकारी

ऑफिस वाली भूल गए अब बाई लगे है प्यारी

बाई लगी है प्यारी पर उसको भी आई खाँसी

वो भी घर में बैन हो गई, का झूलें घर में फाँसी?

सोच रहे "अनुराग"  के घर में बैठे जाप करो

गो करोनवा गो, करोनवा गो, करोनवा गो